Sunday, September 27, 2020
जितनी मेहनत किसान अपनी फसल की पैदावार के लिए करता है , उससे ज्यादा जरूरत लगती है मौसम को संभालने की , और उसके आसपास के...
हिमाचल में सेब से चार हजार करोड़ से ज्यादा की आर्थिकी है । इस बार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह प्रदेश का अकेला फायदेमंद उद्योग है ।
पिछले कुछ दिनों में हुई वर्षा और बर्फबारी से मौसम ठंडा हो गया है ।
इसके लिए आपको शुरू में अनुदान भी मिलेगा । इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहेगी और साथ मे अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी होगा ।
बगीचे की मिट्टी के अम्लीय और क्षारीय अनुपात में बदलाव से बहुत सारे ऐसे कीड़े कीटनाशक दवाओं से भी नियंत्रित नही हो रहे जो सेब के पेड़ो की जड़ो को खा कर उन्हें नष्ट कर रहे...
मंडियों का समय के हिसाब से आधुनिकीकरण बहुत जरूरी है , इसके प्रबंधन से जुड़े साथ मे ये पहलू भी होने बहुत जरूरी है . मंडियों में व्यापार करने वाले आढ़तियों को...
एक ऐसा पौधा जो अवैध तस्करी से लुप्त होने की कगार पर है ।
बदले मौसम के मिजाज ने बागवानों को सोचने पर मजबूर किया कि मौसम की अनुकूलता बागवांनी के लिए बहुत जरूरी है । पूरी दुनियां में तापमान बढ़ने के साथ हिमालयन क्षेत्र में भी तापमान में बढ़ोतरी हुई...
पिछले तीन दिनों से, सेब पैदा करने वाले हिमाचल के क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है । बहुत से बागवानों ने सेब के तौलियों में खाद मिलाने का काम या...
बिना कुदरत के साथ और उसके सहयोग से हम बागवानी में भविष्य नही सोच सकते । दैनिक ट्रिब्यून में छपा अंग्रेजी में एक लेख ... https://m.tribuneindia.com/news/apple-farmers-keen-to-use-natural-predators-55260
हिमाचल मे किसानो और बागवानो के लिए आधारभूत और आर्थिक ढ़ाचा निर्माण विश्व बैंक से पोषित संस्थाए ही कर रही है । जमीनी स्तर पर ये कितनी व्यवहारिकता मे लागू की जा रही है...
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप । अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप ॥
तकनीक के आने से इंसान मतलबी होने लगा और हम की भावना से मैं पर आ गया । इसका नतीजा यह हुआ कि संगठित परिवार बिखरने लगे और एक दो सदस्यों के बने परिवारों ने कुदरत...
हिमालय से जुड़ा क्षेत्र जिसमेंं जम्मू, कश्मीर, उतरांचल और हिमाचल प्रदेश मुख्य प्रदेश है , पिस्ता की व्यव्साईक खेती के लिए अनुकूल है ।
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