उम्मीद पर दुनियां कायम, योग्यता से ही पात्रता ।

उम्मीद पर दुनियां कायम, योग्यता से ही पात्रता ।

बागवान चिलिंग आवर्ज पूरे होने की खुशी के साथ साथ, अपने आसपास के वातावरण को ठीक रखने में भी मदद करें । ये किसी सरकार का काम नही खुद किसान का है । ऊपरवाला भी हिसाब देख के ही देगा ! पर्यावरण लगातार बदलाव में है, और सेब बागीचों में धुआं लगाना, जंगल का कम […]

विभागीय अधिकारियों को किसानों से ज्यादा सीखने की जरूरत

विभागीय अधिकारियों को किसानों से ज्यादा सीखने की जरूरत

किसी भी सरकारी योजना को अधिकारी ही आम किसान बागवान तक पहुचाता है । और देखने मे ये आया है कि सरकारी योजनाएं नाम की रह जाती है फोटो खिंचाने तक की । अधिकारियों के रवैये से ही ये सुनिश्चित होता है कि कितनी योजनाएं धरातल पर जरूरतमन्द लोगों तक पहुचाई जा रही है । […]

इंसान का ध्यान, कल्याण या विनाश

इंसान का ध्यान, कल्याण या विनाश

धीरे धीरे, कहीं इंसानी दखल से कहीं देखरेख के अभाव में, दुनिया से बहुत सारी प्रजातियां विलुप्त हो गई है और होने जा रही है । जटामासी,ब्रह्मकमल जैसी प्रजातियां हिमाचल से विलुप्त हो गई है । #miorcharddiary #himachalapple #appleorchard #progressivegrower

किसान उत्पाद संगठन, आप भी बनाइये

किसान उत्पाद संगठन, आप भी बनाइये

किसान संगठनों से किसानों को ताकत मिलती है, उनका शोषण रुकता है, और उन्हें आधुनिक तकनीक से आगे बढ़ने में सामर्थ मिलता है । #miorcharddiary #himachalapple #appleorchard #progressivegrower #farmerproduceorganisation @icar @agoi

पहाड़ी देसी गाय

पहाड़ी देसी गाय

पहाड़ी देसी गाय अपने आप मे एक कामधेनू है । बदले समय मे भले ही इसने उत्पादकता में इंसानी जरूरत का साथ नहीं दिया , पर गुणवत्ता के आधार पर जब आज शोध इतना विकसित हुआ है जिसने बाकी सभी प्रजातियों को मात दे दी है । जो गुण आज इस गाय में है वह […]

कहां लगा जायका का पैसा

कहां लगा जायका का पैसा

कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें । क्या किसान बागवान जानता है कि जायका का बजट कहां लगा है , एक तरफ़ विश्व बैंक बागवांनी विकास परियोजना में बजट कटौती कर रहा है , वहीं जायका इसके विपरीत है । जमीनी स्तर पर क्या सही में किसान बागवान इससे लाभवनवित हुए है या ये योजना […]

सरकारी योजनाओं में कर्मचारियों की कार्यकुशला कितनी कारगर

सरकारी योजनाओं में कर्मचारियों की कार्यकुशला कितनी कारगर

अंतराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट के लिए कर्मचारियों की कार्यकुशलता से बागवानी विकास परियोजना की दशा और दिशा ।

बागवान भाई भी कोई कसर न छोड़े

बागवान भाई भी कोई कसर न छोड़े

अपने सेब बागीचों में धुआं लगाकर कोई भी कसर न छोड़ें, क्योकि बाद में किसी दूसरे को दोष देने के इलावा कुछ नहीं बचेगा । बड़े और छोटे बागवानों को इसे तर्कसंगत तरीके से समझने और पूरे परिवार को समझाने की जरूरत